जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बीती रात भारतीय सेना ने पाक को कड़ा सबक सिखाया है। आतंकियों का गड़ बन चुके
ऑपरेशन सिंदूर के नाम से सेना द्वारा चलाए गए इस अभियान के बारे में प्रेस ब्रीफिंग विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री के साथ विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने पूरी जानकारी दी।
सेना ने कहा- आतंक की कमर तोड़नी जरूरी था
भारतीय सेना ने कहा कि आतंक की कमर तोड़नी जरूरी था इसलिए ये हमला किया गया। पीओके में भारतीय सेना ने घुसकर आतंक के ठिकानों को तबाह किया है।
मुजफ्फराबाद में था लश्कर का ट्रेनिंग सेंटर, जिसे किया गया तबाहः सेना
लॉन्चपैड और ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गएः कर्नल सोफिया
कर्नल सोफिया ने कहा कि पाकिस्तान में तीन दशकों से आतंकवादियों का निर्माण हो रहा है। पाकिस्तान और पीओके में नौ टारगेट पहचाने गए थे और इन्हें हमने तबाह कर दिया। लॉन्चपैड और ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए।
ऑपरेशन सिंदूर: ये हमला जरूरी थाः सेना
कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि ये हमला करना जरूरी था। रात 1:03 बजे और 1:30 बजे के बीच ऑपरेशन सिंदूर किया गया। पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए भारतीय पर्यटकों के परिजनों को न्याय देने के लिए यह ऑपरेशन हुआ।
कार्रवाई बेहद नपी-तुली और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से की गईः विदेश सचिव
आतंकियों को न्याय के कठघरे में लाना बेहद जरूरी थाः विदेश सचिव
विदेश सचिव ने बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले से देश में आक्रोश है। भारत सरकार ने पाकिस्तान के संबंधों को लेकर कुछ कड़े कदम उठाए हैं। पहलगाम आतंकी हमले के अपराधियों को और साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाना बेहद जरूरी था। पाकिस्तान पल्ला झाड़ने और आरोप लगाने में ही व्यस्त रहा है। पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों के बारे में हमें सूचना मिली कि आतंकी और हमले कर सकते हैं, ऐसे में इन्हें रोकना जरूरी था।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया जैश और हिजबुल के ठिकानों को कैसे तबाह किया गया
विदेश सचिव के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 और 7 मई की रात को कैसे भारतीय सेना ने जैश और हिजबुल के ठिकानों को तबाह किया।
जम्मू-कश्मीर को पिछड़ा बनाए रखने के लिए हुआ पहलगाम हमलाः मिस्री
विदेश सचिव मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, पहलगाम आतंकी हमला बेहद कायरतापूर्ण था। हमले में परिवार के सामने लोगों की हत्या की गई है। इतना ही नहीं, आतंकियों ने लोगों से कहा कि इस हमले की जानकारी अपनी सरकार को दें। यह आतंकी हमला जम्मू-कश्मीर की अच्छी स्थिति और शांति को प्रभावित करने के लिए किया गया था। जम्मू-कश्मीर में पिछले साल सवा दो करोड़ से टूरिस्ट कश्मीर आए थे। पाकिस्तान की ओर किए गए इस आतंकी हमले का मकसद विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर जम्मू-कश्मीर को पिछड़ा बनाए रखना था।
भारत ने अपने अधिकार का उपयोग कियाः विक्रम मिस्री
26/11 के बाद पहलगाम आतंक हमला सबसे बड़ी घटनाः विक्रम मिसरी
विदेश सचिव मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आप सभी का जानते हैं कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को लश्कर से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारतीय पर्यटकों पर हमला किया। आतंकियों ने 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी। देश में 26/11 के बाद यह आतंक की सबसे बड़ी घटना है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री दे रहे ऑपरेशन की जानकारी
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री के साथ विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी मीडिया को ऑपरेशन सिंदूर की ब्रीफिंग दे रहे हैं। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बारे में जानकारी दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एयर स्ट्राइक का वीडियो प्ले किया
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले एयर स्ट्राइक का वीडियो प्ले किया गया। वीडियो 10.34 बजे शुरू हुआ और 10.36 बजे पर खत्म हुआ। कुल 2 मिनट वीडियो चला।
भारतीय सेना ने पीसी कर बताया कैसे चलाया ऑपरेशन सिंदूर
भारतीय सेना ने पीसी कर बताया कैसे चलाया ऑपरेशन सिंदूर
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकियों को किया ढेर
लश्कर से संबंधित आतंकियों ने पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर हमला किया था। जिसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जवाबी कार्रवाई की।
